आपदा प्रबन्धक योजना 2021

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आपदा प्रबंधक योजना का उद्देश्य -किसी भी प्राक्रतिक विपदा का सामना करने के लिए योजना या दल से हे |इस का उद्देश्य प्राकतिक से हुई हानि से हे जेसे ( तेज बरसात से नुकसान ,चक्रवात आना ,ओला व्रष्टि इस का महत्व जन-जीवन हानि से हे सभी की पूरण सम्पति में हुई हानि को कम करने से हे यह योजना सेनडाई फ्रेमवर्क के चार बिन्दु पर निर्भर हे | जो आगे होने वाले नुकसान से बचाव के लिए हे इस से मानव की आर्थिक स्तथी के बचाव के उपाय हे | जो हमेशा तैयार रहती हे

आपदा प्रबंधक योजना क्या हे -आपदा प्रबंधक एक प्राक्रतिक आपदा हे जो किस समय क्या होजये से हे जेसे देश में अचानक से भूकम्प आ जाये किसी ओला वर्स्ती का होना तथा किसी बड़ी बिमारी का फेलना बाढ का आना तथा देश में किसी भी कोने में कोई भी घटना का होना आपदा हे उधाहरण के लिए किसान दिन रात अपने खेतो में काम करता हे तथा वह फसल पर ही निर्भर रहता हे किसान अपने पुरे परिवार का पेट पालन खेती से ही करता हे तथा वह पहले अपनी पूंजी से खेतो में फसल बोथा हे और उस की देख रेख करता हे तथा उस की हकाई जुताई करता हे समय समय उसकी हर जरुरत को पूरा करता हे इसी में अगर फसल ख़राब हो जाये तो सरकार द्वारा उन के लिए पहले से ही योजनाये बनी होती हे जिस का उपयोग कर के किसान फिर से अपना घर चला सकता हे

  • निम्न लिखित योजनाये जेसे सरकार के द्वारा फसली मुवावजा देना ,
  • समय पर नहर के द्वारा पानी की वाय्व्स्ता करना
  • जानवरों से बचने के लिए खेतो में तार बाडा की योजना में 40 % सब्सिडी वापस देना
  • किसानो को pm किसान योजना में हर 4 माह में 2000 की क़िस्त डालना
  • किसानो को कृषि यंत्रो पर भी 40 % सब्सिडी देना
  • खेतो में पानी के लिए फुवारा व सोलर पम्प की व्यवस्ता करना
  • किसानो की फसल को उचित मूल्य पर बेचने के लिए कृषि कटा लगाना

आपदा प्रबंधक योजना के प्रमुख कार्य – दोस्तों इस का प्रमुख कार्य देश में हुई किसी भी छोटी या बड़ी घटना से होता हे जिस के होने पर सरकार के द्वारा पहले से ही योजनाये तेयार कर ली जाती हे तथा उनकी राहत के लिए पैकेज तेयार कर लेती हे जिस से आसनी से अचानक हुई घटना की पूर्ति की जा सके यह सभी राज्यों में अलग अलग शाखा प्रबंधक होते लेकिन जहा पर कही पर भी अचानक बड़ी घटना होने पर एक दुसरे राज्य कीमदद के लिए तेयार रहना सरकार को समय पर जोखिम का सामना करना व जनता हो राहत प्रधान करना तथा जन धन की हानि होने पर रूपए प्रधान कर जनता की मदद करना आदि

आपदा प्रबंधक योजना के प्रमुख उद्देश्य

  • आपदा प्रबंधन के प्राकृतिक आपदा से बचाव आद
  • किसानो को होने वाले नुकसान के बचाव व राशि प्रधान कर मदद करना
  • योजना में पंचायत व शहरी कार्यो में हुये नुकसान के लिए सहायता प्रदान करना
  • कृषि में हुये प्राक्रतिक नुकसान की पहले से मदद करना
  • एक राज्य के दुसरे राज्ये की आवश्यकता होने पर मदद करना
  • प्राक्रतिक आपदा जेसे भूकम्प ,बाढ ,चक्रवात ,मिट्टी कटाव ,आग आदि

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधक प्राधिकरण आपदा प्रबंधक की स्थापना 27 सितम्बर 2005 में आपदा अधिनियम 2005 के माध्यम से की गई लेकिन लागु 2021 में हो सकती हे | इस का उद्देश्य पर्यावरण में विनाश ,मानव दुर्घटना ,आर्थिक संकट का आना ,प्राक्रतिक बिमारी का फेलना आदि जोखिमो का सामना करने लिए बनाये गये गुट से हे जो हमारे लिए हर समय तेयार रहते हे

आपदा प्रबंधक के सुझाव निम्न कार्य – यह सभी देशो की शाखा अपनी अपनी होती हे तथा एक देश दुसरे देश की मदद भी करता हे या समय पर सूचना का आधान प्रधान करना जिससे एक दुसरे देशो या राज्यों को घटना से पहले ही अवगत करना इस का उद्देश्य जोखिम से हे जेसे अचानक ज्वाला मुखी का फटना से लगा सकते हो इस के लिए यह आपातकालीन प्रबंधन (emergency management) पर निर्भर होता हे इन सभी कारणों का होना मानव से जुदा हे था बढती जनसंख्या का महत्व पूरण रोल होता हे इसका उद्देश्य प्रकर्ति में हुई हल चल से हे

आपदा प्रबन्धक के महत्व पूर्ण घटक

आपदा
  1. आपदा प्रबन्धक के खतरे का अनुमान करना इसका मुलभुत कार्य हे |
  2. घनी आबादी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र को चिन्हित करना ताकि समय रहते उस जगह पर सुविधा उपलब्ध करा सके |
  3. प्राक्रतिक आपदा से हुये लोगो के जीवन हस्त -वेस्त हो जाते हे इस के लिए उनका रोजगार व पूंजी की व्यवस्था पहले से करना
  4. आपदा समाज की कार्य प्रणाली को बन्दे हुये रखती हे इससे व्यवसाय ,कृषि ,श्रमिक ,व कई प्रणालियों को सुविधा प्रधान

aapda प्रबंधक से केसे बचे – हमें लगे की कोई भी घटना होने वाली हे तो सरकार के द्वारा दिए गये निर्देशों का सम्मंता से पालन करे तथा परिवार के साथ रहे इससे बचने के तरीके अपनाये समझ दारी से काम ले सबसे पहले अपने व अपने परिवार के लिए सुरक्षित जगह देखे खाने पिने की व्यवस्था भी कर ले ,बहार की अपवाहो पर ध्यान न दे सरकार का आदेश नही आने तक उनके नियमो का पालन करे व घर पर ही रहे तथा जोखिम से गबराए नही जोखिम का सामना करे अफरा तफरी नहीं मचाये बल्कि शान्ति से कम ले

Aapda prabandhan के प्रकार – आपदा प्रबंधक निम्न लिखित तीन प्रकार की होती हे जेसे सरकार के द्वारा जल सेना , वायु सेना ,और भूमि सेना जो हमारी रक्षा के लिए हमेशा तेयार रहते हे और जहा पर जोखिम होता हे ये पहले से तेयार होते हे इनका हमें सामान करना चाहिए जल सेना का कार्य होता हे जहा कही पर बाढ़ का आना उनकी टीम पहले ही तेयार रहती हे आदि

प्राकृतिक खतरे – प्रकर्ति से होने वाली आपदाओ को हम प्रकार्तिक आपदा कहते हे जेसे भूमि चलन से होने वाली आपदाये – 1 भूकम्प 2 ज्वाला मुखी विस्पोट 3 समुन्दरी लहरे 4 हिमस्खलन 5 लहर्स 6 भूस्खलन यवम मिट्टी का बहाव जलिय आपदाये – 1 बाढ़ 2 सुनामी 3 तेज बरसात या ओला वर्स्ती का होना 4 फासले अधिक पानी नस्ट होना मोसमी आपदाये – 1 सुखा पड़ना 2 अधिक ओला वर्ष्टि होना 3 चक्रवर्ती तूफान 4 बर्फीली तूफान का आना 5 आंधी या ताप लहर का आना 6 बिजली गिरना सवास्थ्य व रोग या बीमारिया फेलना 1 महामारी का फेलना 2 अकाल 3 भयानक आग लगना 4 आये दिन अक्सिडेंट होते हे

आपदा प्रबंधन योजना कब चालू होगी– यह योजना बहुत ही जल्द चालू होगी इसका कृषि क्षेत्र में होने वाली नई आपदाओ से राहत पाने के लिए हे जिससे किसानो को होने वाली परेशानी का सामना न करना पड़े | तथा जन धन की भरी हानि होंती हे सरकार की पहले से ज्यादा योजनाये आने लगी हे इस में pm kishan yojna ,pm aawash yojana shochaly yojana chirnjivi yojana swasthy bhima yojna etc |

धन्यवाद् हमें उमीद हे की आप को हमारी पोस्ट पसंद आई होगी

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