Most Top 20 Kisan Yojana किसानो की योजनाये -2021 Save Time

Spread the love

केंद्र सरकार वो राज्य सरकार किसानो के हितो के लिए समय समय पर योजनाये लाती रहती हे , इन योजनाओ के माध्यम से उनका ध्येय हे की किसानो को आर्थिक रूप से सबल किया जाये ताकि उनको थोड़ी सहायता मिल जाये इस कार्य हेतु सरकार द्वारा समय पर योजनाये चलती हे , तो इन योजनाओ की जनकारी हम आपको दे रहे ताकि आपको इन योजनाओ की महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध हो सके, किसान भाइयो को इन योजनाओं के आभाव में इन योजना का लाभ नहीं मिल पता हे हो सकता हे |

केंद्र सरकार की योजनाये

  1. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना :- यह योजना केंद्र सरकार द्वारा किसानो के लिए काफी अच्छी योजना हैं इसका उद्देश्य हे की किसान भाइयो को उनकी फसल का बीमा कवर देने से हे ताकि किसान भाइयो को उनकी फसल की चिंता न रहे, क्योंकि मौसम का कोई भरोसा नहीं रहता हे, जेसे अतिवृष्टि , ओलावृष्टि और कई मौसमी प्रकोप जिनकी वजह से किसान भाइयो को नुकसान उटाना पड़ता हे , तो उसकी सुविधा सरकार ने इस बिमा योजना के अंतर्गत की हे ताकि उनको उनकी फसल का भुगतान मिल जाये और नुकसान से बचे | इस बीमा योजना में सरकार द्वारा 8,800 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, खरीफ फसल का 2% और रबी फसल का 1.5% भुगतान बीमा कंपनी को करना होगा | इस योजना के पंजीकरण हेतु आपको या तो आपके नजदीकी csc केंद्र या ईमित्र केंद्र की सहायता से या आप स्वयम भी इस फॉर्म को भर सकते हे फॉर्म भरने के लिए वेबसाइट -/https://pmfby.gov.in/ की सहायता से आप भी भर सकते हे |
  2. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना :- सरकार ने किसानो आय दोगुनी करने के लाक्स्य के लिए इस योजना की शुरुवात की थी इस योजना में किसान को प्रतिवर्ष सरकार के द्वारा 6000 रूपये की सहायता राशी प्रदान की जाती हे ,यह राशी किसान के खाते में हर 3 महीनो में डाली जाती हे | इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए आपके नजदीकी csc केंद्र या ईमित्र केंद्र की सहायता से या आप स्वयम भी इस फॉर्म को भर सकते हे फॉर्म भरने के लिए वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/registrationform.aspx की सहायता से आप भी भर सकते हे |
  3. प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना :- इस योजना में किसान की उम्र 18 वर्ष से 40 वर्ष के अंदर होनी चाहिए तो वहइस योजना के लिए पात्रता रखता हे , इस योजना में किसान अपनी उम्र के हिसाब से अपना अंशदान जमा करवा सकता हे तथा 60 वर्ष के बाद किसान को 3000 रूपये मासिक या 36 हजार रूपये सालाना मिलेगी | इसमें माशिक अंशदान करीब 55 रूपये से लेकर 200 रूपये तक का हे जोकि ये किसान की उम्र के हिसाब से कटता हे | इस योजना में अबतक करीब 2112941 किसान जुड़ चुके हैं |इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए आपके नजदीकी csc केंद्र या ईमित्र केंद्र की सहायता से या आप स्वयम भी इस फॉर्म को भर सकते हे फॉर्म भरने के लिए वेबसाइट https://maandhan.in/auth/login की सहायता से आप भी भर सकते हे |

राज्य सरकार की योजनाये

  1. अल्पकालीन किसान ऋण योजना :- इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास क्रेडिट कार्ड होना जरूरी हैं। किसान अपनी फसल की बुवाई, जूताई, खाद, बीज या अन्‍य कोई कृषि से संबंधित ऐसा कार्यकरता हे जिसमे उसे ऋण की आवश्‍यकता पडती हैं उसके लिए लिया गया ऋण अल्‍पकालीन फसली ऋण कहलाता हैं। किसान इस लोन के द्वारा अपनी फसल की जूताई, बुवाई व अन्‍य कार्य समय पर कर लेता हैं | इसके आवेदन हेतु किसान भाई को अपने नजदीकी ईमित्र केंद्र पर जाकर आवेदन करना पड़ता हे |
  2. खेत तलाई योजना :- इस योजना में किसान भाइयो के उनके खेत में तलाई बनाने अर्ताथ पानी के जलाशय बनाने हेतु राज्य सरकार अनुदान देती हे | इस योजना में कच्चे फॉर्म पौण्ड व प्लास्टिक शीट वाले विशेष प्रकार के पौण्ड तैयार कराए जाते है ताकि किसान भाई साल भर तक पानी को सहज के रख सके , इस योजना की लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 52 हजार 500 रुपए तथा प्लास्टिक लाइनिंग कार्य पर 75 हजार रुपए का राज्य सरकार अनुदान देती हे |
  3. सिंचाई पाइप लाइन योजना :- इस योजन किसान भाई द्वारा पाइप लाइन खरीदने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनुदान देय हे इससे किसान भाइयो को उनकी फसलो के लिए सिचाई के साधनों के लिए सरकार की यह व्यवस्था हे , इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान भाई को अपने सम्पूर्ण बिल वगेरह लेकर के नजदीकी ईमित्र केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकता हे |
  4. किसान डिग्गी अनुदान योजना :- इस योजना में किसान भाइयो को अपने खेतो में डीग्गी का निर्माण कराना होता हे जिसकी लागत का अध खर्च सरकार वहन करती हे, इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर किसान भी अपने खेत में डिग्गी बनवाकर इस योजना का लाभ ले सकते हे ताकि सिंचाई की परेशानी दूर की जा सके | इसके लिए भी ईमित्र केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकता हे |
  5. जल हौज अनुदान योजना :- इस योजना में किसान भाइयो को अपने खेतो पर  न्यूनतम एक लाख लीटर भराव क्षमता आकार के जल हौज बनवाने पर सरकार के द्वारा इसकी लागत का लगभग 60 प्रतिशत अनुदान व लागत का 10 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान राज्य मद से देय होता हे , अगर राशि रू. 350/- प्रति घन मीटर भराव क्षमता या अधिकतम रूपये 75000/- जो भी कम हो अनुदान की दर से नियमानुसार अनुदान देय होगा ।
  6. कृषि यंत्र अनुदान योजना :- इस योजना के लियें किसान भाई के पास भूमि होना आवश्यक हो तथा उसका राजस्व रिकॉर्ड भी होना चाहिए , इस योजना में सभी किसान भाइयो को लाभान्वित किया जायेगा | इस योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रो की खरीद पर सरकार के द्वारा कृषकों की श्रेणी के अनुसार 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है |
  7.  परम्परागत कृषि विकास योजना :-  इस योजना का उद्देश्य जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण और विपणन को प्रोत्साहन करना है। इस योजना में किसानो को जेविक खेती व क्लस्टर पद्धति व पीजीएस द्वारा प्रमानिकृत किया जाता हे | परम्परागत खेती को प्रोत्साहन मिले और आपको अनुदान ताकि खेती चलती रहे इस हेतु सरकार के द्वारा अनुदान या सहायता राशी प्रदान की जाती हे |
  8. फव्वारा सिंचाई योजना :- इस योजना से अभिप्राय हे की किसानो को खेती में सिंचाई के लिए फव्वारा विधि का उपयोग में लाने हेतु इस योजना का राज्य सरकार द्वारा प्रयास किये जा रहे हे, इस विधि के माध्यम से एक तो पानी की भी बचत होती और सिचाई भी उचित मात्रा में होती हे |दलहन व गेहूँ – फव्वारा सिंचाई कार्यक्रम अन्तर्गत लागत का 50 प्रतिशत अथवा राशि रुपयें 10000/- प्रति हैक्टेयर जो भी कम हो, अनुदान देय है। अनाज एवं दलहनी फसलों की सिंचाई के लिए मोबाईल रेनगन कार्यक्रम अन्तर्गत लागत का 50 प्रतिशत अथवा राशि रुपयें 15000/- प्रति इकाई जो भी कम हो, अनुदान देय है। इस योजना हेतु आप अपने पास के ईमित्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हे |
  9. तारबंदी योजना राजस्थान :- इस योजना का मुख्य उद्देश्य हे की किसान भाइयो के खेतो में आवारा पशुओ व अन्य अनाधिकृत प्रवेश पे अंकुश लगाया जा सके | इस योजना का लक्ष्य करीब 8 करोड़ किसान भाइयो को लाभान्वित करने का रखा गया हे , इस योजना में कम से कम 3 लाख 96 हजार तक की राशी दी जा सकती हे परन्तु इस योजना के अंतर्गत 400 मीटर की तारबंदी के लिए ही सब्सिडी दी जाएगी।
  10. किसान कलेवा योजना :- इस योजना में किसान भाइयो के लिए मंदी प्रांगन में भोजन की व्यवस्था हेतु सरकार के द्वारा किसान कलेवा योजना की शुरुवात की गई ताकि मंडी प्रांगण में फसल बेचने के लिए आने वाले किसान को उसके सहायक को कूपन के माध्यम से रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
  11. राजीव गाँधी किसान साथी योजना :- राजस्थान सरकार द्वारा 30 अगस्त 1994 को किसानो के इस योजना की शुरुवात की गई , इस योजना में किसान अगर खेत में काम करते समय या मंडी प्रागण में या मंडी में विक्रय करने जाने व अगले दिन लौटते समय किसी प्रकार की दुर्घटना में किसान को किसी प्रकार का नुकशान जैसे – किसान की मृत्यु हूँ जाना या किसान का हाथ पांव टूट जाना खेत में काम करते समय किसी जहरीले जानवर के काटने से किसान को नुकशान होना हाथ पांव कट जाना उंगलिया कट जाना आदि के लिए राज्य सरकार 5 हजार से लेकर के 1 लाख तक की सहायता राशी प्रदान करती हे |
  12. सावित्री बाई फुले महिला किसान सशक्तिकरण योजना :- इस योजना में महिलाओ को कृषि क्षेत्र में अपनी अग्रिणी भूमिका स्तापित करने के लिए इस योजना की शुरुवातकी गई | इस योजना में महिला द्वारा राज्य के किसी भी मंडी में ई-विक्रय के बाद ई-भुगतान होने पर 50 हजार से अधिक होने पर 500 तथा 1 लाख से अधिक होने पर 1000 सीधे महिला कृषक के खाते में डाल दी जाती हे |
  13. बिजली बिल अनुदान योजना :- इस योजना में किसान भाइयो के बिजली के बिल जो किसान भाई बिल को समय पर वो जिनका बिल मिटरिंग के माध्यम से आती हे उनको सरकार द्वारा 12 हजार रूपये सीधे खाते में दिए जाते हे |
  14. समर्थन मूल्य खरीद योजना :- इस योजना के अंतर्गत किसान भाइयो के लिए सरकार द्वारा किसान भाइयो की फसल की बिक्री के लिए सरकार द्वार निश्चित एक राशी रखी जाती हे जिससे की किसान को उसकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल सके इसके लिए सरकारी काँटों पर फसल को सरकार द्वारा ख़रीदा जाता हे, इसके लिए किसान भाइयो को टोकन कटवाना पड़ता हे उसके बाद वो उसकी फसल को बेच सकता हे |
  15. सहकारी जीवन सुरक्षा बीमा योजना :- इस योजना के अंतर्गत अल्पकालीन फसली ऋण प्राप्त करने वाले किसानों के लिए सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना को उपलब्ध करवाया जा रहा है। बीमा धारी किसानो भाइयो को अगर किसी भी प्रकार की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो उसे पांच लाख रुपए का क्लेम देय है।
  16. नए फलो एवं बगीचों हेतु अनुदान योजना :- इस योजना में सरकार द्वारा फलो एवं बगीचों को लगाने के लिए सरकार द्वारा सहायता राशी प्रदान की जाती हे यह राशी लगभग 50 फीसदी तक राज्य सरकार द्वारा इसका अनुदान दिया जाता हे, इस योजना में नए फल बगीचों के विस्तार एवं मरुस्थलीय इलाकों में इसे पैदाकर किसानों को कमाई के लिए मजबूत करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है।

यदि आपको हमारी पोस्ट पसन्द आती हे तो इसे अपने दोस्तों के साथ share करे और हमारे official channel को subscribe कर लीजिए जिससे आपको हम practicle videos उपलब्ध करा पाएंगे , पोस्ट को पढने के लिए आपका धन्यवाद् |

YOUTUBE OFFICIAL CHANNEL LINK :–>>>> https://www.youtube.com/channel/UC2wK3bNCOPeTWhVhK9CcrXQ

Leave a Reply

%d bloggers like this: